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Digital Arrest क्या है? पुलिस की वर्दी में हो रही है लाखों की ठगी, जानें इससे बचने के 5 अचूक तरीके !

                             
How to stay safe from Digital Arrest Scam in India 2026

Digital गिरफ्तार घोटाला 2026: क्या आप एक वीडियो कॉल पर गिरफ्तार हो सकते हैं? बचाव के तरीके जानें

आजकल भारत में "डिजिटल गिरफ्तार" नामक एक भयानक स्कैम चल रहा है। स्कैमर्स खुद को CBI, ED या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर घंटों तक बंधक बनाते हैं और उनसे लाखों रुपये ठगते हैं। एक 'डिजिटल गाइड' होने के नाते, मैं आपको इस धोखे से बचाऊँगा। हम आज के लेख में डिजिटल अरेस्ट क्या है और इससे कैसे बचें।

1। डिजिटल अरेस्ट का क्या अर्थ है? (डिजिटल गिरफ्तार का क्या अर्थ है?)

असल में, कानून जगत में "डिजिटल अरेस्ट" शब्द नहीं है। स्कैमर्स आपको फोन करके बताते हैं कि:
  • आपके आधार कार्ड को ड्रग्स की स्मगलिंग में इस्तेमाल किया गया है।
  • आपके सिम कार्ड पर आपत्तिजनक वीडियो भेजे गए हैं।
  • आपका पार्सल गैरकानूनी सामग्री से पकड़ा गया है।
  • वे आपको डराने के लिए आपको Skype या WhatsApp वीडियो कॉल पर आने को मजबूर करते हैं और बैकग्राउंड में पुलिस स्टेशन का सेटअप दिखाते हैं।

2. स्कैमर्स की प्रक्रिया क्या है? (Modus Operandi) आतंक उत्पन्न करना: वे आपको 'CBI' या 'Supreme Court' के फर्जी वारंट दिखाते हैं।

  • अकेलापन: वे कहते हैं कि आप किसी से बात नहीं कर सकते और कॉल नहीं काट सकते जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती।
  • धन की आवश्यकता: वे आपसे 'केस रफा-दफा' करने के लिए 'सिक्योरिटी मनी' मांगते हैं।

Laxmi bhandar yojna ki poori zankari yaha se lijiye :

3। वास्तविक पुलिस से स्कैमर्स को कैसे अलग करें?

अगर आपको ऐसी कॉल मिलती है, तो इन तीन बातों को याद रखें:

  • वीडियो कॉल में किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाता: भारत में पुलिस किसी को वीडियो कॉल पर गिरफ्तार कर सकती है या किसी को नज़रबंद कर सकती है।
  • सरकारी भुगतान: सरकारी संस्थाओं से फोन पर या प्राइवेट बैंक अकाउंट में पैसे नहीं भेजे जाते।
  • गुप्तता: पुलिस आपको अपने परिवार से कभी नहीं रोकेगी।

4। अगर ऐसा हो तो क्या करें? (कार्ययोजना) तुरंत फोन करें: उस नंबर को ब्लॉक करके भयानक कॉल को बाहर करें।

  • क्रमांक की पहचान: Anjan International Numbers (जैसे +92 या अन्य) से आए कॉल्स पर भरोसा न करें।
  • Chakshu पोर्टल: भारत सरकार के पोर्टल 'Sanchar Saathi' पर जाकर इस नंबर को सूचित करें।

5. साइबर धोखाधड़ी की शिकायत कहाँ दर्ज करनी चाहिए? (साइबर सहायता फोन)


अगर आपके साथ कोई बुराई हुई है, तो तुरंत इन उपायों को अपनाएं:
  • मदद फोन नंबर: नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर तुरंत कॉल करें।
  • Cybercrime.gov.in वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  • राज्य पुलिस: पास के साइबर सेल को बताएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (1): 


प्रश्न 1: क्या पुलिस Skype कॉल करती है? 
नहीं, पुलिस या कोई भी जांच एजेंसी पूछताछ के लिए आधिकारिक समन नहीं भेजती, न ही वीडियो कॉल करती है।

प्रश्न 2: स्कैमर्स मेरे नाम और आधार कैसे जानते हैं?
स्कैमर्स अक्सर डेटा ब्रीच या सोशल मीडिया के माध्यम से आपकी महत्वपूर्ण जानकारी लेते हैं।


सारांश: आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा डिजिटल दुनिया में आपकी "सतर्कता" है। आपका डर और मासूमियत का स्कैमर्स फायदा उठाते हैं। लेख को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें।

About the author: निशांत (Cyber Awareness Advocate & Content Creator) 'Your Digital Guide' का संस्थापक हैं और डिजिटल सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के क्षेत्र में एक विश्वासपात्र हैं। वे आम लोगों को तकनीक और कानून की पेचीदा जानकारियों को बहुत ही सरल भाषा में बताते हैं। वे 'डिजिटल अरेस्ट' और 'ऑनलाइन स्कैम' जैसे विषयों पर अच्छी तरह से जानते हैं, और अपने ब्लॉग के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क करते हैं। उन्हें लगता है कि सही जानकारी डिजिटल धोखाधड़ी का सबसे बड़ा हथियार है।

Disclaimer: इस पोस्ट में दी गई जानकारी सिर्फ आपको जागरूक करने के लिए दी गई है। अगर आप किसी भी साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें।

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