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गया कूप वेदी गयाजी श्राद्ध पिंडदान

गयाजी में ‘गया कूप’ का रहस्य: नरक-यातना से मुक्ति, पितृ-तृप्ति व अज्ञात आत्माओं के तर्पण का महा-विधान

सनातन धर्म के ‘वायु पुराण’ (गया महात्म्य), ‘अग्नि पुराण’ और ‘गरुड़ पुराण’ के अनुसार, गयाजी महातीर्थ की 45+ वेदियों की यात्रा में ‘गया कूप’ (Gaya Koop) का स्थान अत्यंत … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में खरीदारी असली पेड़ा काले पत्थर के बर्तन

गयाजी में खरीदारी: असली गया का पेड़ा, काले पत्थर के बर्तन और अगरबत्ती कहां से खरीदें? (लोकल मार्केट गाइड और मिलावट से कैसे बचें)

धार्मिक नगरी गयाजी में खरीदारी करते समय प्रामाणिक और पारंपरिक दुकानों की पहचान होना अत्यंत आवश्यक है।

गयाजी महातीर्थ में भगवान विष्णुपद के दर्शन, फल्गु स्नान और पितरों के निमित्त … पूरा पढ़ें »

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विष्णुपद से बोधगया 1 दिन का टूर महाबोधि मंदिर

विष्णुपद से बोधगया 1 दिन का टूर: महाबोधि मंदिर, 80 फीट बुद्ध, थाई और जापानी मोनेस्ट्री का सही रूट, ई-रिक्शा किराया और टाइमिंग

गयाजी महातीर्थ में भगवान विष्णुपद के पावन दर्शन और पितरों के निमित्त पिंडदान संपन्न करने के बाद, अधिकांश श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अगली सबसे बड़ी चाहत होती है विश्व-प्रसिद्ध बौद्ध … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘मातंगवापी’ (Matangavapi) तीर्थ और मातंग पद: चांडाल-योनि व अधम योनियों से मुक्ति

गयाजी में मातंगवापी कुंड तट पर मातंग पद शिला पर अधम योनि मुक्ति हेतु पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में मातंगवापी सरोवर और मातंग पद वेदी पर नीच व तिर्यक योनियों से मुक्ति हेतु वैदिक पिंडदान अनुष्ठान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक प्रमाणिक ग्रन्थ ‘वायु पुराण’ (गया महात्म्य)… पूरा पढ़ें »

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गयाजी तीर्थ में ‘जिह्वलोल’ (Jihvalola) और ‘काकलोल’ वेदी: वाणी दोष, खान-पान जनित पाप और पितृ तृप्ति

गयाजी में जिह्वलोल कुंड तट पर काकलोल शिला पर वाणी दोष निवारण हेतु मधुर पिंड अर्पित करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में जिह्वलोल सरोवर और काकलोल वेदी पर वाणी शुद्धि व रसना दोष निवारण हेतु वैदिक पिंडदान अनुष्ठान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक गूढ़ और प्रामाणिक ग्रन्थ ‘वायु पुराण’ (गया … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘मुंडपृष्ठा’ (Mundaprishtha) पहाड़ी और ‘कण्व’ तीर्थ: प्राचीन ऋषि तर्पण और मनस्ताप मुक्ति

गयाजी में मुंडपृष्ठा पहाड़ी शिखर पर मनस्ताप व मानसिक शांति हेतु पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में मुंडपृष्ठा पर्वत और महर्षि कण्व तीर्थ पर पूर्वजों के मानसिक संताप निवारण हेतु वैदिक पिंडदान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक गूढ़ और प्रामाणिक ग्रन्थ ‘वायु पुराण’ (गया महात्म्य)… पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘गदाधर’ रूप में भगवान विष्णु की पूजा: गदा लोलार्क और अस्त्र-शस्त्र दोष निवारण

गयाजी में फल्गु तट स्थित गदा लोलार्क वेदी पर अकाल मृत्यु दोष शांति हेतु गदा-अर्घ्य समर्पित करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में भगवान गदाधर के सान्निध्य में कौमोदकी गदा अर्चन और गदा लोलार्क वेदी पर वैदिक श्राद्ध।

सनातन धर्म के सर्वाधिक पावन पितृ महातीर्थ गयाजी को शास्त्रों में केवल … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘गोदावरी’ (Godavari) तीर्थ और ‘काकबली’ वेदी: पाताल गंगा और अज्ञात पितरों का तर्पण विधान

गयाजी में गोदावरी कुंड तट पर काकबली शिला पर अज्ञात पितरों के निमित्त पिंड अर्पित करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ के पावन गोदावरी तीर्थ में पाताल गंगा स्नान और काकबली शिला पर अज्ञात पितृ तर्पण अनुष्ठान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक पावन और रहस्यमयी तीर्थ ‘गया महात्म्य’ (वायु पुराण … पूरा पढ़ें »

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गयाजी तीर्थ में ‘दशगात्र’ और ‘सपिंडीकरण’ के बाद महा-श्राद्ध: वार्षिक श्राद्ध बनाम गया श्राद्ध का अंतर और नियम

गयाजी में सपिंडीकरण और त्रिपिंडी अनुष्ठान के बाद विष्णुपद वेदी पर महा-श्राद्ध संपन्न करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में गरुड़ पुराण व धर्मसिंधु के अनुसार दशगात्र-सपिंडी उपरांत अक्षय तृप्ति हेतु वैदिक पिंडदान।

सनातन धर्म की अंत्येष्टि और पितृ कर्म व्यवस्था में मृत्यु के उपरांत जीवात्मा के … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘ब्रह्मयोनि’ (Brahmayoni) पहाड़ी और मातृ-ऋण मुक्ति: संकीर्ण गुफा से निकलने का संपूर्ण रहस्य और नियम

गयाजी में ब्रह्मयोनि पहाड़ी शिखर पर अष्टभुजा मंदिर के समीप मातृ-ऋण मुक्ति हेतु पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ के पावन ब्रह्मयोनि पर्वत शिखर पर मातृ-ऋण और गर्भ-यातना से मुक्ति हेतु वैदिक पिंडदान अनुष्ठान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक प्रामाणिक ग्रन्थ ‘वायु पुराण’ (गया महात्म्य) और ‘अग्नि पुराण’… पूरा पढ़ें »

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