Jai shree ram dosto, पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया जाने वाला पिंड दान बहुत ही संवेदनशील कार्य है। शास्त्र कहते हैं कि अगर विधि में गलती हो, तो पूर्वज तृप्त नहीं होते और पितृ दोष बना रहता है।
ये हैं वो 5 बड़ी गलतियां जिनसे आपको बचना चाहिए:
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शुद्धता का अभाव: बिना स्नान या अशुद्ध मन से फल्गु तट पर न जाएं।
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सूतिका काल: परिवार में जन्म या मृत्यु के तुरंत बाद के नियमों का पालन न करना।
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गलत पुरोहित: हमेशा गया जी के अधिकृत तीर्थ पुरोहित से ही पूजन कराएं।
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सामग्री में कंजूसी: पूजन की सामग्री और तिल-जौ की शुद्धता का ध्यान रखें।
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अधूरा संकल्प: बिना पूर्ण दान-दक्षिणा के पूजा अधूरी मानी जाती है।
“Dosto gaya ji me aane se pahle in baaton ka awasya dhyan rakhe.

