गयाजी तीर्थ में ‘दशगात्र’ और ‘सपिंडीकरण’ के बाद महा-श्राद्ध: वार्षिक श्राद्ध बनाम गया श्राद्ध का अंतर और नियम
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| गया महातीर्थ में गरुड़ पुराण व धर्मसिंधु के अनुसार दशगात्र-सपिंडी उपरांत अक्षय तृप्ति हेतु वैदिक पिंडदान। |
सनातन धर्म की अंत्येष्टि और पितृ कर्म व्यवस्था में मृत्यु के उपरांत जीवात्मा के … पूरा पढ़ें »








